hindi love poems-you will love to read

 

here are some best hindi love poems you will love to read

Hindi poem

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                        hindi poem

वो एहसास मुझे अच्छा लगता है

about this poem -प्यार एक अनमोल एहसास है जो हर किसी को कभी न कभी हुआ है ।पहले पहले प्यार की कुछ यादों को ताजा करती है ये कविता ।

बेखयाली के लम्हों में,
यूँ ही तेरा खयाल आया जाने का 
वो एहसास ,मुझे अच्छा लगता है।

घिर जाऊं जो सावन की घटाओं से,
काश तेरे साथ होने का
 वो एहसास, मुझे अच्छा लगता है।

नींद ना आये जब रातों में,
तो तेरी तस्वीर देखकर मुस्कुराने का
वो एहसास ,मुझे अच्छा लगता है।

गर अधूरा से महसूस हो खुदमे,
तो तेरी दोस्ती निभाने का
 वो एहसास,मुझे अच्छा लगता है।

गर रूठ जाऊं मैं कभी हालातों से,
तो तेरा मुझे कसकर गले लगाने का
वो एहसास ,मुझे अच्छा लगता है।

रहते तो बहुत दूर हो हमसे,
पर पास ना होकर भी पास होने का 
वो एहसास,मुझे अच्छा लगता है।।

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hindi poem

 तेरा शुक्रिया 
about this poem- प्यार में बहुत से खूबसूरत एहसास होते हैं।उन्ही कुछ एहसासों के लिए शुक्रिया कहने की कोशिश है ये कविता ।

मेंरी सोच के कोरे आसमान पर,
बादल बन कर,
छा जाने के लिए तेरा शुक्रिया ।

मेरी बेचैनियों की रेत पर,
यूँ बारिश बनकर,
बरस जाने के लिए तेरा शुक्रिया ।

नींदों को मेरी,
अपने ख्वाबों से,
सजाने के लिए तेरा शुक्रिया

मेरी जिंदगी की फुलवारी को,
अपनी मोहब्बत की खुश्बू से ,
महकाने के लिए तेरा शुक्रिया ।

तेरा साथ एक दुआ की तरह है,
इस तरह मेरा साथ ,
निभाने के लिए तेरा शुक्रिया ।।

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hindi love poem

किताबों की आड़ में,
मोहब्बत की महफ़िल सज़ा रहे थे

about this poem -ये कविता स्कूल की एक प्रेमकहानी है जो शायद ज्यादातर लोग अनुभव करते हैं जब पहली पहली बार किसी से इश्क़ होता है

शर्माती सी आँखें खिलकाते से होठ,
उसकी एक अलग ही पहचान थी ।
ताज़गी से भर देती थी हर सुबह,
मानों उगते सूरज से रोशन आसमान थी ।।

और नासमझ से हम थे ,
ना किसी की चिंता,ना किसी से परेशान थे ।
यूँ तो हम दोनों साथ थे,
पर एक दूसरे से अनजान थे ।

कुछ वक्त यूँ ही गुज़रा,
याद नहीँ कैसे हमारी मुलाकात हुई ।
पर इतना पता है कि उस दिन,
एक नई कहानी की शुरुवात हुई ।

कुछ वक्त दोस्ती निभाने के बाद,
उसका अंदाज़ बदलने लगा था ।
ऐसा लगता था जैसे उसके दिल में,
कोई राज़ पलने लगा था ।।

इशारों ही इशारों में वो,
दिल का राज़ बता थी ।
उसकी झुकती हुई पलकें,
बहुत कुछ जता देती थी ।।

दिल मे छुपी हुई बात,
उसने हमारी आँखों मे पढ़ लिया था ।
किस्से कहानियों में सुना था जो,
हम पर उसी इश्क़ का रंग चढ़ गया था। 

सब कुछ था हमारे पास,
फिर भी बेशबर से थे ।
सब को पता था कि क्या चाहते है हम,
और एक हम ही बेखबर से थे ।।

अनजान में ही सही ,
हम जिंदगी के कुछ सबसे,
हसीन पल बिता रहे थे ।
किताबों की आड़ में,
मोहब्बत की महफ़िल सज़ा रहे थे।।

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hindi poem
 'यादें '
about this poem –‘यादें’ एक अलग ही एहसास है जो कभी हँसा देती है कभी रुला देती है ।ये कविता है यादें या memories के बारे में ।

कभी खामोशी के पलों में,
हौले से दस्तक दे जाती हैं 
एक पल में ही खुद को ,
खुद से दूर ले जाती हैं  ।
ये यादें ही हैं  जो,
फासलों को भी हसीन बनाती हैं ।।

जो रूठ जाए सारी खुशियाँ हमसे,
तो फरिश्तों की तरह दिल बहला जाती हैं 
जब जुदा हो जाये होठों से हँसी,
तो हँसी बनकर होठों को छू जाती हैं 
ये यादें ही हैं  जो,
बेवजह खुशी का एहसास दिलाती हैं ।।

कभी उठती है दिल से और,
आँखों से बह जाती हैं।
कभी भरी हई महफ़िल में,
खामोसी बनकर छा जाती हैं 
ये यादें ही है जो,
भीड़ में भी तन्हा सी कर जाती हैं  ।

रात चाहे जितनी हो जाये,
आँखें बंद ना हो पाती हैं ।
चाहे जितनी करवटें बदल लो,
दिल मे बेचैनी रह ही जाती हैं 
ये यादें ही है जो,
रातों की नींद उड़ा ले जाती हैं ।।

भला ना कर पाओ किसी का,
तो बुरा भी मत करना ।
क्योंकि दिल से निकली दुआ,
सच मे असर दिखाती है ।
सलूक कुछ ऐसा करना कि,
किसी की यादों में खुशी भर दो ।
ये यादें ही है जो,किसी की 
दुआ बनकर जिंदगी में बरस जाती हैं ।।

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hindi poem
'प्यार नहीँ है मुझे तुझसे '
about this poem - तो बात कुछ ऐसी है कि कॉलेज में एक लड़की और लड़का अच्छे दोस्त थे और एक दूसरे को मन ही मन पसंद करते थे ।एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि लड़की लड़के से रूठ गयी और उससे कहा कि 'तुम मुझसे प्यार नहीँ करते'।तो ये है लड़के का जवाब :-

प्यार तो नहीँ है मुझे तुझसे,
पर हर वक़्त तेरा इंतेज़ार रहता है।
तेरी एक झलक पाने को ,
हर वक़्त ये दिल बेकरार रहता है।।

कुछ तो बात है तुझमे,
जो मेरी बातों की हदें तुझ तक ही सिमटी रहती है।
प्यार नहीँ है मुझे तुझसे ,
बस मेरी खुशी तेरी यादों की चादर में लिपटी रहती है।।

नींद को क्या दोष दे,हम तो 
यूँ ही नही सोये रहते है।
सच कहें तो रात भर,
तेरे ख्यालों में खोए रहते है।।

देखते है काले बादलों को तो,
दिल मे एक पुकार सी आ जाती है।
प्यार तो नहीँ है तुझसे, पर तेरे साथ होने से
मुझमें एक खुमार सी आ जाती है।।

दुआ है खुदा से की ,हम तुझे
अपनी बाहों में महफूज करना चाहते है।।
प्यार तो नहीँ है तुझसे,बस खुद मे 
तुझे महसूस करना चाहते है।।

देखता हूँ तेरी आँखों में की,शायद मुझे 
कोई ख़्वाब मिल जाये ।
प्यार तो नहीँ है मुझे तुझसे,
पर देख मेरी आँखोँ में, शायद तुझे
तेरे सवाल का सही जवाब मिल जाये।।

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hindi poem
'प्यार है मुझे तुझसे '
about this poem -ऊपर वाली कविता का ही अगला हिसा जिसमें उस लड़की ने भी इज़हार किया ।

नज़रें तो चुरा लेती हूँ तुझसे,
पर ध्यान मेरा तुझ पर ही रहता है ।
प्यार है मुझे तूझसे,इसलिए,
तू हमेशा मेंरे ख्यालों में रहता है।।

अंगड़ाईयाँ ले जो मौसम ,
आसमान जब बरसता है ।
प्यार है मुझे तुझसे इसलिए ,
ये दिल तेरे साथ को तरसता है।।

दुआ है मेंरी भी खुदा से,
की हर दुआ तेरी पूरी हो।
प्यार है मुझे तुझसे,
अब तुझसे न कोई दूरी हो ।।

सर्दी से जमी धरती को, मानो
आफताब मिल गया है।
प्यार है मुझे तुझसे,
और मुझे तेरी आँखों में ,
मेरे सवाल का जवाब मिल गया है।।

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